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बुरहानपुर जिले के नेपानगर पुलिस ने मोबाइल टावर से केबल चोरी करने वाले एक हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को इंजीनियर बताकर वारदातों को अंजाम देता थे। 02 आरोपी गिरफ्तार कर 1,29,200 ₹ की केबल व आधुनिक उपकरण जप्त।

 

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर पुलिस द्वारा दिनांक 18.05.2025 को  मोबाइल टावर केबल चोरी करने वाले हाईटेक अंतर-जिला गिरोह का किया पर्दाफाश।

नेपानगर पुलिस द्वारा फर्जी इंजीनियर की आईडी पहनकर मोबाइल टावरों को निशाना बनाने वाले 02 आरोपी गिरफ्तार कर 1,29,200 ₹ की केबल व आधुनिक उपकरण जप्त।

गिरफ्तारी और आरोपी: 

बुरहानपुर पुलिस ने इस अंतर-जिला गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का एक सदस्य खुद को एयरटेल (Airtel) का इंजीनियर और दूसरा बीएसएनएल (BSNL) का रीगर बताता था।

कार्यप्रणाली (Modus Operandi):

आरोपी गले में फर्जी आईडी कार्ड पहनते थे ताकि किसी को शक न हो।

वे अपने साथ लैपटॉप, पेचकस, आरी कटर और प्लायर जैसे आधुनिक उपकरण रखते थे।

वे दिन के उजाले में ही टावरों की रेकी करते थे और मेंटेनेंस के बहाने केबल काटकर चोरी कर लेते थे।

बरामद की : पुलिस ने आरोपियों के पास से 1,29,200 रुपये मूल्य की केबल और चोरी में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरण व औजार जब्त किए हैं।

अन्य वारदातें: आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने खंडवा के निसानिया, हरसूद, सिहाड़ा और मथेला क्षेत्रों में भी इसी तरह केबल चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

​पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश तथा एसडीओपी नेपानगर श्री निर्भय सिंह अलावा के मार्गदर्शन में बुरहानपुर पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ बड़ी सफलता अर्जित की है। पुलिस टीम ने तत्परता  का परिचय देते हुए दूरसंचार टावरों से कीमती केबल उड़ाने वाले एक हाईटेक अंतर-जिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने महज 24 घंटों के भीतर गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹1,29,200 मूल्य की चोरी की तांबा केबल और वारदात में प्रयुक्त आधुनिक उपकरण बरामद करने में सफलता हासिल की है।

घटना का विवरण

 दिनांक 17 मई 2026 को फरियादी लतेन्द्र बिल्लोरे (उम्र 42 वर्ष), निवासी डाकवाडी बुरहानपुर, जो बीएसएनएल कंपनी में जेटीओ (JTO) के पद पर कार्यरत हैं और जिले में मोबाइल नेटवर्क मेंटेनेंस का कार्य देखते हैं, ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 16 मई 2026 की शाम करीब 6:00 बजे, अज्ञात चोरों ने ग्राम सीवल स्थित बीएसएनएल टावर से करीब ₹1,50,000 मूल्य की 200 मीटर लंबी कीमती तांबे की कोर वाली केबल वायर काट ली और चोरी कर ले गए। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना नेपानगर पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 147/2026, धारा 303 (2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीकृत कर विवेचना में लिया।

आरोपियों से सामग्री जब्त की

पुलिस के अनुसार आरोपी अपनी कार से सीवल दोपहर 3 बजे पहुंचे। आसपास रैकी की व अपनी कार से दो बैग निकाले जिसमें एक में लैपटाप व दूसरे में छोटे से लेकर बड़े पाने, वैचिस, आरी कटर आदि सामान लेकर पहुंचे। पहले टॉवर की फोटो खींची उसके बाद आरोपी रतन व आशुतोष ने बीएसएनएल कंपनी के टॉवर पर बढ़े और 60 फीट ऊंचाई पर चढ़‌कर आशुतोष द्वारा बोल्ट खोले गए। रतन द्वारा टावर से केबल वायर 200 फीट लंबी काटकर नीचे जमीन पर गिरा दी। आरोपी यशवंत और दिलीप चौधरी टॉवर के नीचे खड़े रहे। बाद में आरोपियों ने केबल को छोटे छोटे टुकड़े में काटकर बोरियों में भरकर ले निकले।

आरोपियों से सामग्री बरामद की गई। पहले भी आरोपी कर चुके है वारदात

आरोपी आशुतोष व दिलीप ने बताया कि पूर्व में भी इनके द्वारा खंडवा जिले के निसानिया, हरसूद, सिहाड़ा, मथैला में मेंटेनेंस के बहाने टावरों पर चढ़कर केबल काटकर उन्हें जलाने के बाद निकला तांबा बर्तन बाजार में बेचना बताया।

​अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अपने  मुखबिर तंत्र और सर्विलांस को सक्रिय किया। इसी बीच पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि खंडवा पासिंग की एक संदिग्ध बलेनो कार में चार व्यक्ति आए थे, 

पुलिस टीम तत्काल रवाना होकर संदिग्ध की तलाश करते हुए मुखबीर सूचना पर घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मुख्य आरोपी दिलीप चौधरी ने बताया कि वह पूर्व में धार जिले में एयरटेल कंपनी के टावरों पर पावर मेंटेनेंस का कार्य करता था, जिससे उसे टावर की तकनीकी बारीकियों और केबल की कीमत का पूरा अंदाजा था। नौकरी छोड़ने के बाद उसने अपने अन्य साथियों—यशवंत राजपूत, रतन मीणा और आशुतोष मीणा के साथ मिलकर खंडवा में एक किराए का कमरा लिया और चोरी का यह संगठित गिरोह बना लिया।

आरोपियों द्वारा  दिन में बकायदा लैपटॉप और आईडी कार्ड पहनकर टावरों की तस्वीरें खींचते और रैकी करते थे ताकि लोगों को लगे कि कोई आधिकारिक मेंटेनेंस कार्य चल रहा है। 

टॉवर पर मेंटेनेंस का काम करते थे आरोपी

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दिलीप चौधरी पहले धार में मोबाइल कंपनी के टॉवरों पर पावर मेंटेनेंस का काम करता था। नौकरी छोड़ने के बाद वह हरदा जिले के डेडगांव में रहने लगा, जहां उसकी मुलाकात रतन मीणा, यशवंत राजपूत और आशुतोष मीणा से हुई। इसके बाद सभी ने मिलकर मोबाइल टॉवरों से केबल चोरी की योजना बनाई। आरोपी दिन में कार से ग्रामीण क्षेत्रों में जाते, टॉवरों की फोटो खींचकर रेकी करते और फिर वारदात को अंजाम देते थे। शक से बचने के लिए आरोपी अपने गले में फर्जी आईडी कार्ड पहनते थे और खुद को इंजीनियर या बीएसएनएल कर्मचारी बताते थे। उनके पास लैपटॉप, आरी कटर, प्लायर, चाकू और अन्य उपकरण रहते थे। जांच में सामने आया कि आरोपी टॉवर से केबल काटकर तांबा निकालकर बेचते थे और इससे पहले भी कई जिलों में वारदात कर चुके हैं।

​​नेपानगर पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही के परिणामस्वरूप दो शातिर आरोपियों— (1) आशुतोष पिता राजेन्द्र मीणा उम्र 27 वर्ष, निवासी खंडवा एवं  (2) दिलीप पिता रामकृष्ण चौधरी उम्र 37 वर्ष, निवासी हरदा (हाल मुकाम खंडवा) को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके पास से ₹1,29,200 की केबल और वारदात में प्रयुक्त आरी कटर, चाकू, प्लायर, टाई पैकेट व छोटे-बड़े पाने-पेंचकस जब्त किए गए हैं। 

मामले के दो अन्य आरोपी यशवंत राजपूत और रतन मीणा फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उनसे वारदात में प्रयुक्त बलेनो कार और शेष सामग्री बरामद की जानी है।

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