नावरा चौकी से महज 500 मीटर की दूरी पर शासकीय शराब दुकान है जहां से आस पास के क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों से शराब का अवैध परिवहन किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में नावरा चौकी (Navra Police Post) से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित शासकीय शराब दुकान से ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब की तस्करी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार के कर्मचारी मोटर साईकल के जरिए 20-25 गाँवों में बेखौफ शराब की सप्लाई कर रहे हैं।
अवैध शराब तस्करी से जुड़ी प्रमुख बातें
नेपानगर के नावरा में 1 अप्रैल से नवीन ठेकेदार को शासकीय दुकान का ठेका मिला है, देखा गया है कि इन्हे एक माह पूरा होने के बाद आज दिनांक , तक यहां प्राथमिक नियमों की पूर्ती तक नहीं की गई है। ठेकेदार ने मनमाने तरिके से काम कर नावर क्षेत्र में संचालित शासकीय शराब दुकान से शराब ठेकेदार के आदमी दो पहिया वाहन की सहायता से ग्रामीण क्षेत्र में शराब का कारोबार फैला रहे हैं। नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के नावरा और उसके आसपास बसें ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर भोले भाले आदिवासी एवं अन्य वर्ग के लोगों को जो बहुत कम मात्रा में शिक्षित है। जिसका फायदा शराब ठेकेदार और उसके सहकर्मी उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शराब ठेकेदार ने हर गांव में अपने दो से तीन एजेंट भी बना लिए जो पूरे गांव में शराब का विक्रय कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चिंता जाता है कि अगर ऐसा ही शराब का कारोबार फलता फूलता रहा तो कई घर बिखर सकते है
जानकारी के अनुसार ठेकेदार को नई दुकान में काम शुरु करने के पूर्व ही दुकान पर साइन बोर्ड सहित अन्य आवश्यक सूचनाए लगाना जरूरी है। लेकिन नावरा में संचालित दुकान पर ऐसा नहीं हो रहा है। ठेकेदार के द्वारा यहां रेट लिस्ट तक जारी नहीं की है जिसके चलते ग्रामीणों को शराब के शासकीय दरों की जानकारी नहीं हो पा रही। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने सरकारी दर से अधिक दाम पर शराब का विक्रय शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्र होने से यहां एक बड़ा वर्ग शिक्षित नहीं। जिससे वे ठगी का शिकार हो रहे हैं।
ठेकेदार ने अपने तरिके से काम चालु कर ग्रामीण अंचल में अवैध शराब का सप्लाय चालू कर दिया है।
आदिवासी क्षेत्र में धड़ले से हो रहा है शराब का कारोबार
अवैध शराब का सप्लाय चालू कर दिया है।
पुलिस एवं अबकारी विभाग के अधिकारियो की अनदेखी के चलते ठेकेदार की मनमानी बढने लगी है। ग्रामीणों ने बताया कि नावरा के अतिरिक्त गोराडिया, घाघरला,एवं डालमह के रहवासियों ने बताया कि हम अपने गांव को शराब मुक्त कराना चाहते है। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते ठेकेदार ने अपने तरिके से काम कर हमारे गांव में अवैध शराब पहुंचा रहा है।
सूचना बोर्ड की अनिवार्यता:
सभी मदीरा दुकानों पर निर्धारित प्रारुप में सूचना बोर्ड लगाना जरूरी है, यदि किसी दुकान पर ऐसा नहीं हुआ है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अवैध शराब पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।
नेटवर्क और गाँव: ठेकेदार ने नावरा के साथ-साथ गोराडिया, डाभियाखेडा, हैदरपुर, मझगावं, दुधियाखेड़ा, केरपानी,नयाखेडा समेत दो दर्जन गाँवों में अपना नेटवर्क बना लिया है। ठेकेदार के कर्मचारी मोटर साईकल पर शराब का अवैध परिवहन कर सप्लाय कर रहे है। बेखौफ कर्मचारियों द्वारा सभी गांव में एजेंट बना लिए गए है।
अवैध परिवहन: बाइक सवार कर्मचारी खुलेआम ग्रामीण अंचल में शराब पहुँचा रहे हैं।
प्रशासनिक अनदेखी: पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत या अनदेखी के कारण ठेकेदार के कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं।
मुख्य नोट: उपभोक्ताओं को हमेशा सलाह दी जाती है कि वे केवल अधिकृत दुकानों से ही खरीदारी करें और यदि किसी दुकान पर सूचना बोर्ड या रेट लिस्ट नहीं है, तो इसकी शिकायत स्थानीय आबकारी कार्यालय में करें।



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