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बुरहानपुर में 25 सरकारी राशन दुकानों को चलाने की महिलाओं को मिली जिम्मेदारी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं PDS दुकानों का कर रहीं संचालन

 बुरहानपुर में प्रशासन ने महिलाओं पर जताया भरोसा, थमाई PDS दुकानों की चाबी - BURHANPUR WOMEN RUN PDS SHOP

सरकारी राशन लेने के लिए लाइन में खड़ी महिलाएं

बुरहानपुर: मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला महिला सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. दरअसल, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बुरहानपुर का नाम रोशन किया है. केले के रेशे से तैयार की गई टोपी और अगरबत्ती ने विदेशों में छाप छोड़ी है. वहीं, जिले के 25 सरकारी राशन दुकानों की जिम्मेदारी महिलाएं बखूबी उठा रही हैं.

उपभोक्ताओं की परेशानी का हुआ हल

बता दें कि, पहले अधिकांश पीडीएस दुकानें बंद रहती थीं, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर अनाज नहीं मिल पाता था. पीड़ितों ने जिसकी शिकायत संबंधित अधिकारी से की थी. अधिकारियों ने जांच में पाया कि जिन सहकारी सोसाइटियों के पास एक से अधिक राशन दुकानें हैं, वहां यह समस्या आ रही है. समस्या के समाधान के लिए जिले की ऐसी 25 पीडीएस दुकानों को संचालित करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूह को जिम्मेदारी दी गई. जिसके बाद से यहां के उपभोक्ता काफी संतुष्ट हैं.

टाइम पर मिल रहा राशन

ग्रामीणों का कहना है, "गांव में नियमित सरकारी राशन की दुकानें खुल रही हैं, जिसकी वजह से अब समय पर राशन मिल जाता है और परेशानी भी नहीं होती है. स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जब से सरकारी राशन का वितरण कर रही हैं, सभी को टाइम पर राशन मिल रहा है. इस सफल प्रयोग के बाद जिला प्रशासन धीरे-धीरे सभी सरकारी राशन दुकानों को संचालित करने की जिम्मेदार महिला स्वयं सहायता समूह को देने की तैयारी कर रहा है."
महिलाएं चला रही पीडीएस दुकान

महिलाएं ऑपरेट कर रहीं ओपीएस मशीन

सरकारी राशन दुकान पर महिलाएं राशन वितरण के लिए ओपीएस मशीन चला रही हैं. अड़गाव में शैला सूर्यवंशी 442 कार्ड धारकों को राशन वितरित कर रही हैं. साथ ही 27 अंत्योदय के कार्ड भी अलग से शामिल हैं. इस राशन दुकान में महिलाएं राशन की तौल भी खुद करती हैं. इससे उन्हें रोजगार मिला है. अब महिला आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी हैं.
सरकारी राशन दुकान बुरहानपुर

जिला पंचायत की परियोजना अधिकारी संतमती खलकोने बताया, "जिले में 25 पीडीएस की दुकानों की जिम्मेदारी महिलाओं को हाथों में आ गई है, इससे करीब 50 महिलाओं को रोजगार मिला है. वहीं जिला प्रशासन 3 और पीडीएस दुकानों की जिम्मेदारी महिलाओं को देने की तैयारी कर रही है. इसमें खातला, उमरदा और जैसिंगपुरा जैसे गांव शामिल हैं.''

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