बुरहानपुर, 21 जून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर द्वारा आज प्रातः 6 बजे शाही किला गार्डन में योग एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "मोबाइल मुक्त 1 घंटा – आधुनिक युग का योग, तप और आत्मसाधना" रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों, युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों ने योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा मोबाइल से दूरी बनाकर योग, स्वाध्याय, परिवार के साथ समय बिताने एवं सकारात्मक गतिविधियों में सहभागिता का संकल्प भी दिलाया गया।
समिति की अध्यक्ष सरिता भगत ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मन और विचारों को अनुशासित करने की जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में प्रतिदिन एक घंटा मोबाइल से दूर रहना भी एक प्रकार का तप, आत्मसंयम और आत्मसाधना है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने "मोबाइल मुक्त 1 घंटा" अभियान का स्वागत करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय मोबाइल से दूर रहकर योग, ध्यान एवं रचनात्मक कार्यों में लगाए तो तनाव, चिंता और डिजिटल निर्भरता जैसी समस्याओं में कमी लाई जा सकती है।
ताप्ती सेवा समिति ने भविष्य में भी स्वास्थ्य, पर्यावरण, शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर धर्मेंद्र सोनी, विजय राठौर, डॉ युसुफ खान, नंदकुमार वाणे, अताउल्लाह खान, विजय पुनिवाला, राजेश भगत और समाजसेवी उपस्थित थे



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