बुरहानपुर जिले के नेपानगर तहसील स्थित ग्राम डवालीखुर्द में एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से मरीज का स्वास्थ खराब, पीड़ित ने की शिकायत
बुरहानपुर जिले के नेपानगर तहसील स्थित ग्राम डवालीखुर्द में एक झोलाछाप फर्जी डॉक्टर द्वारा गलत इलाज किए जाने का मामला सामने आया है। डॉक्टर का नाम विनायक देवगिरी निवासी सरोला क्लीनिक डवालीखुर्द बताया जा रहा है
फरियादी करणसिंह पिता शोभाराम जाधव, निवासी ग्राम डवालीखुर्द ने कलेक्टर व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और नेपानगर पुलिस थाना प्रभारी को इस संबध में एक लिखित शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार, लगभग दस दिन पहले फरियादी करणसिंह को बुखार आया था। वे इलाज के लिए ग्राम डवालीखुर्द में स्थितप डॉ विनायक देवगिरकर पाटिल के क्लिनिक पर गए।
आरोप है कि विनायक देवगिरकर पाटिल ने पुलिस थाना फरियादी को बुखार की दवाइयां दीं और साथ ही एक इंसुलिन का इंजेक्शन भी लगाया। शिकायत में बताया गया है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद करणसिंह के दाहिने पैर में अत्यधिक दर्द शुरू हो गया। अगली सुबह तक उनके उसी पैर में एक फुंसी भी निकल आई। जब फरियादी करणसिंह ने इस समस्या के बारे में विनायक देवगिरकर पाटिल से संपर्क किया, तो उसने ने उन्हें बताया कि यह एक-दो दिन में अपने आप ठीक हो जाएगा।
इलेक्ट्रोपेथी की पढाई की और बन गए डॉक्टर
जानकारी के अनुसार विनायक ने बेचलर ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपेथी के पढ़ाई की है। इन डिग्री धारकों को शासन द्वारा किसी भी प्रकार के उपचार की मान्यता नहीं दी जाती है। लेकिन फिर भी ग्रामीण अंचलों में कई शिकायत करते हुए।
जगहों पर इस प्रकार के फिर्जी लोगों द्वारा स्वयं को चिकित्सक बताकर उपचार किया जाता है। फरियादी करणसिंह जाधव ने अपनी शिकायत में मांग की है कि आरोपी विनायक देवगिरकर पाटिल, जिसे प्रेस विज्ञप्ति में फर्जी डॉक्टर बताया गया है के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए क्योंकि वह कथित तौर पर गलत तरीके से आम जनता का इलाज कर रहा है।
यह शिकायत विभिन्न संबंधित अधिकारियों को प्राप्त हुई है। वही मामले में विनायक से पुछाने पर उन्होंनें कहा कि सभी जगहों पर ऐसा हो रहा हैए करणसिंह जाधव अपना उपचार करने की एवज में कम रुपए देना चाहता था। ऐसा नहीं होने पर उसने मेरे खिलाफ झूठी शिकायत कर दी है।




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