बुरहानपुर के ग्राम देड़तलाई में स्वतंत्रता सेनानी वीर रेंगा कोरकू की प्रतिमा और भूमि से जुड़ा हालिया विवाद जारी है, जहाँ हाईकोर्ट द्वारा स्थगन आदेश (स्टे) दिया गया है। प्रतिमा स्थल के उचित संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण को सुनिश्चित करने के लिए आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
बुरहानपुर जिले के ग्राम देड़तलाई में स्वतंत्रता सेनानी वीर रेगा कोरकू की प्रतिमा संरक्षण हेतु प्रतिमा स्थल के उचित संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण को सुनिश्चित करने के लिए आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापनआराध्य।
आज जिला बुरहानपुर के संयुक्त कलेक्टर कार्यालय में स्वतंत्रता सेनानी वीर रेगा कोरकू की प्रतिमा के संरक्षण एवं रखरखाव की मांग को लेकर कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि आदिवासी समाज के गौरव एवं स्वतंत्रता संग्राम के वीर योद्धा रेगा कोरकू की प्रतिमा का उचित संरक्षण किया जाए तथा प्रतिमा स्थल पर आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि वीर रेगा कोरकू ने देश की स्वतंत्रता एवं आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनकी स्मृति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करती है। इसलिए प्रतिमा की सुरक्षा, सौंदर्यीकरण एवं नियमित देखरेख सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाजजनों ने प्रशासन से मांग की, कि वीर रेगा कोरकू के योगदान को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए तथा उनकी स्मृति को संरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करेगा।
वीर रेंगा कोरकू ने अंग्रेजों और शोषणकारी शक्तियों के विरुद्ध आदिवासी समुदाय के जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने अपने साथियों के साथ बलिदान दिया था। उनकी शहादत की स्मृति में मध्य प्रदेश के विभिन्न गांवों में कोरकू समुदाय द्वारा उनकी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
देड़तलाई की प्रतिमा को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। ग्राम देड़तलाई निवासी आरिफ पिता मकसूद बेग ने न्यायालय में याचिका दायर कर दावा किया है कि प्रतिमा उनकी निजी भूमि पर स्थापित है और इसे हटाने की मांग की है।
कोरकू समाज बुरहानपुर कलेक्ट्रेट पहुंचा
इस मामले को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में आदिवासी कोरकू समाज के लोग बुरहानपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर हर्ष सिंह को ज्ञापन सौंपकर प्रतिमा को संरक्षित करने की मांग की।
कोरकू समाज ने इस मामले में न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त किया है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने बताया कि प्रतिमा को लेकर पहले से ही स्टे है, इसलिए उसे हटाया नहीं जाएगा। कलेक्टर ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि शिकायतकर्ता ने किसी आदिवासी की जमीन खरीदी है, तो उसकी भी सात दिन के भीतर जांच की जाएगी। इस दौरान नेपानगर विधायक मंजू दादू भी मौजूद थीं।
आदिवासी समाज और विधायक की मांग: नेपानगर विधायक मंजू दादू का कहना है कि कोरकू समाज के आराध्य की प्रतिमा स्थापित हो चुकी है, इसलिए इसे हटाया नहीं जाना चाहिए ।
इस मांग के समर्थन में समाज ने कलेक्टर को महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा
नेपानगर विधायक मंजू दादू ने कहा-कोरकू समाज के लोग यहां आए हैं। डेढ़ साल से यह चल रहा है। देड़तलाई में प्रतिमा स्थापित हुई थी। अभी फिलहाल स्टे है। हमारी मांग है कि एक बार हमारे आराध्य की वहां स्थापना कर दी है तो उसे न हटाया जाए। उसी के लिए आज कलेक्टर को राष्ट्रपति, राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। श्रद्धा के केंद्र को न हटाएं, ताकि समाज को ठेंस न पहुंचे। आरिफ बेग का कहना है कि उनकी जमीन पर मूर्ति की स्थापना हुई है। इसमें बहुत सी जांच हुई है। कोर्ट में केस है। हम स्टे लेकर आए हैं। हमने एमपीआरडीसी की जमीन पर मूर्ति स्थापना की है। अगर उनका कुछ पोर्शन आता भी है तो हम देय राशि देने को भी तैयार है। हम चाहते हैं कि श्रद्धा का केंद्र वहां से न हटे।
प्रशासनिक जांच: जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यदि आरिफ बेग द्वारा आदिवासी जमीन पर कब्जा करने की बात सामने आती है, तो एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी करके रिपोर्ट दी जाएगी
कोरकू समाज संगठन के केशवराम भिलावेकर ने कहा कि हम स्वतंत्रता सेनानी रेंगा कोरकू को भगवान मानते हैं। 10-11 साल से वहां मूर्ति स्थापित है। दो तीन साल से एक व्यक्ति कोर्ट में चला गया। बार बार हटाने के नोटिस आ रहे हैं। समाज की मांग है कि मूर्ति न हटे। आगे बार बार नोटिस आए तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।



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