सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बुरहानपुर में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की जिला स्तरीय बैठक बुरहानपुर कलेक्ट्रेट में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष एस.एन. मिश्रा ने की। बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए संभाग, जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर के पुनर्गठन पर चर्चा की गई

 


बुरहानपुर म मध्यप्रदेश प्रशासानक इकाइ पुनगठन जयाग की जिला स्तरीय बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष एस.एन. मिश्रा ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान प्रशासनिक इकाइयों के परिसीमन, सृजन, युक्तियुक्तिकरण और जनसुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाने संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

जनअपेक्षाओं के अनुरूप पुनर्गठन: आयोग के अध्यक्ष एस.एन. मिश्रा ने निर्देश दिए कि प्रशासनिक इकाइयों का परिसीमन और युक्तियुक्तकरण (Rationalization) पूरी तरह से स्थानीय आवश्यकताओं और जन-अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर किया जाए।

सुझाव देने की अंतिम तिथि: आम जनता और जनप्रतिनिधि पुनर्गठन से जुड़े अपने सुझाव 30 जून तक जमा कर सकते हैं।

प्रमुख उपस्थित अधिकारी: बैठक में आयोग के सचिव अक्षय सिंह, सदस्य मुकेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी आशुतोष बागरी और डीएफओ विद्याभूषण सिंह समेत जिले के अन्य अधिकारी शामिल रहे।

बैठक में आयोग के सचिव अक्षय सिंह, सदस्य मुकेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी और वनमंडलाधिकारी विद्याभूषण सिंह सहित जिले के सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

आयोग के अध्यक्ष एस.एन. मिश्रा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी, सुलभ और प्रभावी बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, स्थानीय आवश्यकताओं और जन-अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान संभाग, जिला, तहसील, जनपद और विकासखंड स्तर की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन एवं सुधार के संबंध में अनुशंसाएं तैयार की जाएंगी।

मार्गदर्शी सिद्धांत निर्धारित किए जाएंगे मिश्रा ने यह भी कहा कि भविष्य में नवीन प्रशासनिक इकाइयों के गठन के लिए मार्गदर्शी सिद्धांत निर्धारित किए जाएंगे। आयोग का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था बनाना है जो सुशासन के अनरूप हो ।

आयोग के सचिव अक्षय सिंह ने जानकारी दी कि आयोग के पोर्टल के माध्यम से 30 जून तक सुझाव प्रस्तुत किए जा सकते हैं। प्राप्त प्रस्तावों को आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली के अनुरूप तैयार कर जिला स्तर पर परीक्षण और अनुशंसा के बाद आयोग को भेजा जाएगा।

पुनर्गठन के लिए सुझाव आमंत्रित

आयोग के सदस्य मुकेश कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रश्नावली में भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक व बुनियादी सुविधाएं, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय कारक, सामाजिक संरचना और जनसुविधाओं सहित विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं के पुनर्गठन, युक्तियुक्तिकरण एवं विलोपन के संबंध में भी सुझाव आमंत्रित हैं।

कलेक्टर हर्ष सिंह ने जीआईएस मैपिंग, टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण पर अपने सुझाव दिए। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने अनेक पोर्टलों के स्थान पर एक एकीकृत डिजिटल व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव रखा।

आप देख रहे है 👇



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नेपा लिमिटेड में ज्ञानेश्वर खैरनार को संपदा अधिकारी नियुक्त किया गया.!

                प्रदेश पत्रिका:- केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) ज्ञानेश्वर खैरनार को लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम-1971 के अंतर्गत टाउनशिप प्रशासक नियुक्त किया गया हैं। वे उक्त अधिनियम की धारा 3 के तहत संपदा अधिकारी के दायित्व का निर्वहन करेंगें। ज्ञात हो कि, नेपा लिमिटेड में पिछले लगभग एक वर्ष से यह पद रिक्त था। इस नियुक्ति के साथ, ज्ञानेश्वर खैरनार लोक परिसर अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे और इसके अधीन अधिरोपित कर्तव्यों का पालन करेंगे। इस नियुक्ति पर सीएमडी राकेश कुमार चोखानी सहित पूरे नेपा लिमिटेड परिवार ने ज्ञानेश्वर खैरनार को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।      आप देख रहे हैं 👇

नगर में नगर पालिका अध्यक्ष पति विनोद पाटिल और पार्षद पति कैलाश पटेल में मनमुटाव की चर्चा।

 वार्ड क्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल ने नगर पालिका से स्वच्छता मिशन के अंतर्गत हुई खरीदी का पूरा विवरण। वार्डक्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल प्रदेश पत्रिका:- नेपानगर, दिनांक 18 मार्च 2025 - नगर पालिका परिषद नेपानगर के वार्ड क्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल ने नगर पालिका प्रशासन से वर्ष 2023 और 2024 में स्वच्छता मिशन के तहत खरीदे गए सभी उपकरणों का लिखित ब्यौरा देने की मांग की है। नगर पालिका द्वारा स्वच्छता अभियान  के तहत हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन नगर में सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि पिछले दो वर्षों में स्वच्छता मिशन के तहत कितनी राशि खर्च हुई, किन-किन उपकरणों की खरीदी हुई, उनकी गुणवत्ता क्या है, वे वर्तमान में कहां उपयोग हो रहे हैं, और उनके रखरखाव की क्या व्यवस्था है। पार्षद सपना कैलाश पटेल  ने प्रशासन को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर यह जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नगर के नागरिकों को यह जानने का हक है कि स्वच्छता अभियान के लिए दिए गए सरकारी बजट का सही उपयोग हुआ ह...

8 फरवरी से राशन कार्ड धारकों को मिलेगा बड़ा फायदा! जानें नया नियम!

भारत सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए एक नई योजना की घोषणा की है, जो 8 फरवरी 2025 से लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत प्रदान करना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस नई पहल के तहत, राशन कार्ड धारकों को न केवल मुफ्त राशन मिलेगा, बल्कि उन्हें हर महीने आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। यह योजना देश के करोड़ों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। इस लेख में, हम आपको इस योजना के सभी पहलुओं की जानकारी देंगे, जैसे कि इसके लाभ, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, और आवेदन प्रक्रिया। साथ ही, हम यह भी समझेंगे कि यह नया नियम किस तरह से राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाएगा। राशन कार्ड योजना 2025 का मुख्य विवरण नीचे दिए गए टेबल में इस योजना का एक संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया गया है:  योजना के लाभ इस नई योजना के तहत लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी: मुफ्त राशन: पात्र परिवारों को हर महीने मुफ्त अनाज (चावल और गेहूं) मिलेगा। आर्थिक सहायता: प्रत्येक परिवार को हर महीने ₹1000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएग...