मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर में बीना नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन के संचालित मिला अमन हॉस्पिटल
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में बीना नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन पर अमन हॉस्पिटल के अवैध रूप से संचालित होने का मामला सामने आया है।
बुरहानपुर जिले की टीम ने निरिक्षण में पाई कई खामिया, जन असुरक्षा के चलते पाये गये कई उपकरण शिकायत पर दूसरी बार पहुंची जांच दल की टीम हॉस्पिटल संचालक की सेवाओं का लुप्त उठाकर बेरंग लोटी टीम
नेपानगर नगर के अंबाड़ा रोड स्थित अमन हॉस्पिटल को विभागीय जांच में अमानक मान कर सील करने का मामला सामने आ रहा हैं। सोमवार को 2 डॉक्टरों, 3 कर्मचारियों और 1 भ्रत्य की टीम ने हॉस्पिटल में निरिक्षण के बाद यह कार्रवाई की हैं। हालांकि जांच के बाद हॉस्पिटल को सील नहीं किया गया हैं।
विभाग के अनुसार हॉस्पीटल का संचालन बीना नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन के किया जा रहा था एवं लाईसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन किये जाने की बात बताई जा रही हैं। चर्चा हैं की इस पुरे मामले में विभाग अपनी पूर्व में की गई कार्रवाई पर पर्दा डालता नज़र आ रहा हैं। इस कार्रवाई के बाद नगर में संचालित हो रहें अन्य क्लिनिक संचालको में हड़कंप के साथ दहशत का माहौल हैं। ऐसे कई उपकरण भी मिले हैं जिनका उपयोग डिग्री के अनुकूल नहीं पाया गया। जो की लोगो के स्वास्थ्य की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा हैं। देखना हैं की विभागीय जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई होती हैं या फिर हमेशा की तरह नगर में अन्य मामले की तरह इसे भी रफादफा कर दिया जायगा।
जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई हैं। उनके द्वारा 29 मई को जारी पत्र के अनुसार अमन हॉस्पीटल नेपानगर का संचालन बीना नर्सिंग होम का पंजीयन कराये एंव बीना लाईसेंस प्राप्त किये किया जा रहा है जो की मध्यप्रदेश रजोउपचार एंव उपचार गृह अधिनियम के विपरीत होकर मरीजो के स्वास्थ्य एंव जीवन से खीलवाड है। यह शिकायत की गई थी। अतः अमन हॉस्पीटल नेपानगर को तत्काल बंद कर सील किया जावे। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए 6 सादस्यो का दल बनाया। जो जांच कर अपनी रिपोर्ट उन्हें सोपेगा।
जांच दल में डॉ. एलडीएस फुकंवाल जिला स्वास्थ्य अधिकारी बुरहानपुर, डॉ. पुष्पेन्द्र जामले चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र दौलतुपरा, अनिल गायकवाड़ प्रभारी हास्पीटल रजिस्ट्रेशन, योगेश गोस्वामी प्रभारी स्थापना शाखा, गोरव श्रीवास बीईई और अनिल जव्हरे भ्रत्य सभी बुरहानपुर शामिल थे। सोमवार को दल ने पुलिस बल की मौजूदगी में अमन हॉस्पिटल का निरिक्षण किया। जिसमे कई अनियमितता पाई गई। मौके पर पंचनामा बनाया गया।
जांच रिपोर्ट में दिए तथ्य
अमन हॉस्पीटल का संचालन बीना नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन के किया जा रहा हैं। मौके पर एक्सरे, आईसीयु, पैथोलॉजी लैब एंव मेडिकल का संचालन करना पाया गया। मरीजो का उपचार बीयुएमएस डिग्रीधारी डॉ. शिरीन अंसारी जो कि ऐलोपेथी पद्धति से उपचार करते पायी गई। पेथॉलोजी का संचालन बिना पेथॉलोजिस्ट के किया जा रहा था। पेथालॉजी में मात्र बीएमएलटी उपाधीधारी रविन्द्र पाये गये। डॉ. दिपक एम पाटिल के हस्ताक्षर से एक मरीज के ब्लड टेस्ट की जांच रिपोर्ट प्रदाय की गई जबकी वे वहाँ पर उपस्थित नहीं थे। बीना अर्ब पंजीयन के एक्सरे मशीन का संचालन करना पाया गया, जो की मरीजो एंव कार्य कर रहे कर्मचारियो के लिये अत्यन्त घातक हो सकता है। मुन्शीपल कॉर्पोरेशन कि अनुमति, पोल्युशन कन्ट्रोल बोर्ड की अनुमति के बीना, बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निष्पाधन एंव अनुमित के बीना हॉस्पीटल का संचालन करना पाया गया। नर्सिंग होम संचालन हेतु आवश्यक स्पेस एंव इन्फ्रास्ट्रक्चर भी नही पाया गया। जांच दल द्वारा मुख्य बिन्दुओ की रिपोर्ट बनाकर पेश की गई हैं।
इन चिकित्सको के नामनपर लुभाया जा रहा हैं मरीजों को
उल्लेखित हैं की जांच टीम ने अमन हॉस्पिटल में नर्सिंग होम में डॉ. रूशाली दलाल स्त्रीरोग विशेषज्ञ, डॉ. स्वप्नील पाटील आप्थामोलोजिस्ट, डॉ. अपुर्व जायसवाल आर्थोपेडिक सर्जन, डॉ. दिपक पाटील पलमोलोजिस्ट, डॉ. शुभम मालवीय एमएस सर्जन के नाम के बोर्ड लगे पाए। यह सभी चिकित्सक यहां निर्धारित दिनों में आकर अपनी सेवाएं देते हैं। जिसकी लिए शुल्क भी निर्धारित किया गया हैं। नगर सहित आसपास के कई गावों के लोग जिले में जाने की बजाय यही पर आकर उपचार लेना सुविधाजनक समझते हैं। लेकिन अस्पताल के संचालन के संबंध में किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं पाई गई। जिससे साफ तौर पर यह मामला बगैर अनुमति के पाया गया हैं। जिस पर विभाग पर्दा डालता नज़र आया।
पूर्व की कार्रवाई में बता रहें त्रुटि
मामले में डा. एलडीएस फुकंवाल जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया की इनमें से कोई भी डॉक्टर उपस्थित नही पाया गया। इनके नाम से मरीजो को घुमराह किया गया जाना प्रतित होता है। चिकित्सा अधिकारी के मिडिया को दिए गये इस गोलमोल जवाब से कार्रवाई पर संशय उत्पन्न हो रहा हैं। साथ ही उन्होंने अपने द्वारा पूर्व में की गई जांच को भी त्रुटि पूर्ण बताया हैं। जिसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर पुनः जांच के लिए दल आया। सूत्रों के अनुसार जिला कलेक्टर ने भी अस्पताल के अनियमित संचालन पर कार्रवाई करते हुवे सील करने के निर्देश देना बताया जा रहा हैं। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। डाक्टर का खना हैं की संचालक ने पंजीयन के लिए आवेदन किया हैं। तब तक वे यहां पर कोई भी अनियमित कार्य नहीं कर रहें हैं।

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