बुरहानपुर के लोहार मंडी क्षेत्र में आठ महीने से जलभराव और गंदगी से नाराज पार्षदों ने कीचड़ में बैठकर जल आंदोलन किया। महापौर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थायी समाधान की मांग की। प्रदर्शन के दौरान दो पार्षदों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि नगर निगम ने अतिक्रमण को समस्या की वजह बताया।
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ लोहार मंडी क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या से नाराज पार्षदों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क पर नालियों से निकले कीचड़ और गंदगी के बीच बैठकर जल आंदोलन किया। इस दौरान महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और उन्हें मौके पर बुलाने की मांग भी उठाई।
लोहार मंडी रोड पर पिछले करीब आठ महीनों से बिना बारिश के भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़क पर गंदा पानी जमा रहने से राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार नगर निगम से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
बुरहानपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ लोहार मंडी क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या से नाराज पार्षदों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क पर नालियों से निकले कीचड़ और गंदगी के बीच बैठकर जल आंदोलन किया। इस दौरान महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और उन्हें मौके पर बुलाने की मांग भी उठाई।
नगर निगम की कार्यप्रणाली से नाराज़ क्षेत्र के पार्षद और नगर निगम के डिप्टी स्पीकर फहीम हाशमी अपने साथी पार्षदों के साथ सड़क पर उतरे। सभी ने नालियों से निकले कीचड़ और गंदगी के बीच बैठकर जल आंदोलन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान महापौर मुर्दाबाद के नारे लगाए गए और महापौर को मौके पर बुलाकर समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारी पार्षद फहीम हाशमी, अकील औलिया का कहना है कि जब तक लोहार मंडी क्षेत्र की जलभराव और गंदगी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं स्थानीय लोगों ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन करते हुए नगर निगम से जल्द कार्रवाई की मांग की। लोहार मंडी क्षेत्र में पिछले आठ महीनों से बिना बारिश के भी जलभराव बना रहता है। हमने कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर हमें सड़क पर उतरकर कीचड़ और गंदगी में बैठकर विरोध करना पड़ा। हमारी मांग है कि महापौर स्वयं मौके पर आएं और इस समस्या का स्थायी समाधान कराएं।
इस दौरान दो पार्षदों की तबीयत खराब हो गई। जिन्हें निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जब इस संबंध में नगर निगम सहायक आयुक्त स्वर्णा वर्मा से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि शहर में कहीं भी जल भराव की स्थिति नहीं है। लेकिन कुछ जगहों पर अतिक्रमण की स्थिति होने से दिक्कत हो रही है।




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