बुरहानपुर में असहाबे सूफ्फा एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी ने 300 बच्चों को शैक्षिक किट बांटी, गरीब छात्रों को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प
बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में असहाबे सूफ्फा एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी लगातार जरूरतमंद बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रही है. नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ एजुकेशनल वेलफेयर ने रविवार को लगभग 300 से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को निशुल्क स्कूल सामग्री वितरित की. बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, किताबें, पेन, पेंसिल बॉक्स, टिफिन और पानी की बोतल सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई. सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और अभिभावकों ने भी संस्था के इस प्रयास की सराहना की.
सैकड़ों जरूरतमंद बच्चों को मिली उड़ान
कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित गुलमोहर मार्केट के करीब आयोजित कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष हाजी अब्दुल बासित अपनी टीम के साथ मौजूद रहे. संस्था पिछले कई वर्षों से हर नए शैक्षणिक सत्र में जरूरतमंद परिवारों का सर्वे कर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पहचान करती है. इसके बाद पात्र विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी शिक्षा में बाधा न बने
संस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह बिना किसी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के सभी जरूरतमंद बच्चों की मदद करती है. शहर के युवाओं द्वारा स्थापित यह संगठन अब तक 1 हजार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने में सहयोग कर चुका है. इस पहल की शुरुआत एक गरीब मजदूर के बेटे की मदद से हुई थी, जो आर्थिक तंगी के कारण स्कूल नहीं जा पा रहा था. उस घटना से प्रेरित होकर हाजी अब्दुल बासित ने अपने साथियों के साथ मिलकर संस्था की नींव रखी और आज यह अभियान सैकड़ों बच्चों के भविष्य को संवारने का माध्यम बन चुका है.
कांग्रेस नेता अजय सिंह रघुवंशी जी ने संस्था के कार्यों की सराहनाकरते हुए कहा, "शिक्षा से बड़ा कोई दान नहीं होता. समाज के सक्षम लोगों को भी जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में सहयोग के लिए आगे आना चाहिए." वहीं हाजी अब्दुल बासित ने बताया, "संस्था का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे और हर जरूरतमंद विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने का अवसर प्राप्त कर सके."


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