बुरहानपुर । ग्रामीणों को उनकी आवासीय संपत्ति का वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए जिले में स्वामित्व योजना के पंजीयन कार्य में तेजी लाई जा रही है। इसके लिए 31 अक्टूबर को विशेष अभियान चलाकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मैदानी स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई। अधिकारियों ने आवंटित पटवारी हल्कों में पहुंचकर राजस्व अमले के साथ पंजीयन कार्य की प्रगति देखी। कलेक्टर विवेक कुमार के निर्देश पर सुबह 7:30 बजे कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की ब्रीफिंग हुई। इसके बाद अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में पहुंचे। पंजीयन कार्य में पटवारियों के सहयोग के लिए ग्राम पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों को भी लगाया गया, ताकि पात्र हितग्राहियों की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। कलेक्टर ने मौके पर कराई पंजीयन प्रक्रिया कलेक्टर विवेक कुमार स्वयं भी मैदानी भ्रमण पर निकले। उन्होंने ग्राम बिरोदा और बहादरपुर पहुंचकर स्वामित्व योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों से पंजीयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर स्वामित्व अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बहादरपुर में कलेक्...
नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल, विधायक को पत्र देकर विधानसभा में जांच कराने की मांग, नगर पार्षद रूपाली सावकरे ने उठाए सवाल, सीएमओ का प्रभार लेने वाले विजय सिंह कुशवाह की नियुक्ति की वैधानिकता पर मांगा जवाब
नेपानगर । नगर पालिका में सीएमओ का प्रभार संभालने वाले विजय सिंह कुशवाह की उपयंत्री पद पर नियुक्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिवाजी नगर पार्षद रूपाली सावकारे ने विधायक सुरेश राजेश को पत्र सौंपकर नियुक्ति प्रक्रिया की वैधानिकता का मुद्दा विधानसभा में उठाने और मामले की जांच कराने की मांग की है। पार्षद ने पत्र में उल्लेख किया है कि विजय सिंह कुशवाह पहले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। इसके बाद उनकी उपयंत्री पद पर नियुक्ति की गई। सावकारे के अनुसार, यह नियुक्ति तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा की गई थी। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में अधिकारिता और नियमों के पालन पर सवाल उठाए हैं। पत्र में राज्य शासन के 12 मार्च 2015 के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि उपयंत्री पद पर नियुक्ति का अधिकार राज्य शासन अथवा सक्षम प्राधिकारी आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास के अधीन है। ऐसे में तत्कालीन प्रभारी अधिकारी द्वारा की गई नियुक्ति की वैधानिकता की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। पार्षद ने यह भी आशंका जताई है कि नियुक्ति प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं होने की ...