नेपानगर में नाले का निर्माण कार्य पिछले 3 वर्षों से लगातार चल रहा है। नाला निर्माण कार्य लंबे समय से अटका हुआ है और इसकी गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आ रही है
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के तहसील नेपानगर के वार्ड 16 से 20 तक 4 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला नाला तीन साल बाद भी अधूरा है और इसके काम में गुणवत्ता की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। नले का निर्माण कार्य में ज्यादा समय होने एवं लापरवाही देखने को मिल रही है ।
परियोजना की लागत और योजना: यह नाला निर्माण केंद्र सरकार की योजना के तहत लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से पांच वार्डों (वार्ड 16, 17, 18, 19 और 20) को आपस में जोड़ने के लिए शुरू किया गया था। देरी और लापरवाही तय समय सीमा गुजर जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है और बीच-बीच में कार्य महीनों तक बंद रहने से रहवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गुणवत्ता पर सवाल स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं, जिसकी पूर्व में जांच और सैंपल लेने की कार्रवाई भी हो चुकी है।
शुरुआती लापरवाही: निर्माण शुरू होने से पहले अधिकारियों ने ड्राइंग और डिजाइन मंजूर नहीं की थी, जिससे बाद में सुधार करना पड़ा।
गुणवत्ता और ढलान की समस्या: कई जगहों पर नाले का स्तर या ढलान सही नहीं है। इससे बारिश का पानी आगे बहने के बजाय वहीं जमा होने की समस्या हो रही है।वर्तमान स्थिति फिलहाल मनोज टॉकीज और एमजी नगर क्षेत्र में काम अंतिम चरण में चल रहा है।
शिकायत का निर्माण स्थल पर सहाफ सफाई किए बिना मिट्टी पर सामग्री डाली जा रही है। इससे पहले इंदौर से आई एक टीम ने निर्माण सामग्री के नमूने लिए थे। इनकी जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। नाले का काम कई बार बंद हुआ और फिर शुरू किया गया। नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य में आई कमियों और शिकायतों के बाद ठेकेदार को हिदायत दी गई है तथा काम को शीघ्र (सितंबर तक) पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।


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