विश्व रेंजर दिवस के अवसर पर ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर (TSS) द्वारा रेणुका रोड स्थित वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय में वन विभाग के अधिकारियों एवं वन रक्षकों के सम्मान में एक गरिमामय समारोह आयोजित किया गया।
विश्व रेंजर दिवस पर TSS ने वन विभाग के अधिकारियों एवं वन रक्षकों का किया सम्मान
जनमानस जंगल से जुड़ेगा तभी पर्यावरण संरक्षण की सच्ची जागृति होगी" – एल.एस. सोलंकी
बुरहानपुर, 31 जुलाई। विश्व रेंजर दिवस के अवसर पर ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर (TSS) द्वारा रेणुका रोड स्थित वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय में वन विभाग के अधिकारियों एवं वन रक्षकों के सम्मान में एक गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। ताप्ती सेवा समिति द्वारा नवाचार करते हुए पहली बार रेंजर्स एवं वन रक्षकों के कार्यस्थल पर पहुंचकर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जंगलों, वन्यजीवों एवं पर्यावरण संरक्षण में वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति समाज में सम्मान और जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री एल.एस. सोलंकी ने कहा कि "जनमानस जंगल से जुड़ेगा तभी पर्यावरण संरक्षण की सच्ची जागृति होगी।" उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों का दायित्व नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही जंगल, वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधनों का प्रभावी संरक्षण संभव है। समाज जितना प्रकृति के निकट रहेगा, उतना ही पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनेगा।
समिति के संरक्षक राजीव खेड़कर ने कहा कि विश्व रेंजर दिवस वर्ष 2007 से मनाया जा रहा है। यह दिवस उन वन रक्षकों और रेंजर्स को समर्पित है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी जंगलों, वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए दिन-रात समर्पित होकर कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण केवल पेड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जल, मिट्टी, वन्यजीव और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा का भी आधार है।
ताप्ती सेवा समिति की अध्यक्ष श्रीमती सरिता भगत ने श्री एल.एस. सोलंकी का सम्मान करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में उनके कार्यकाल के दौरान बुरहानपुर वन परिक्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय एवं जनहितकारी कार्य हुए हैं। उन्होंने उनके समर्पित सेवाकाल की सराहना करते हुए बताया कि पदोन्नति के उपरांत उनका स्थानांतरण अनुविभागीय अधिकारी (वन), अलीराजपुर के रूप में हुआ है। समिति ने उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं।
इस अवसर पर ताप्ती सेवा समिति द्वारा वन विभाग के वन रक्षकों का भी पुष्पगुच्छ एवं सम्मान-पत्र देकर अभिनंदन किया गया। समिति ने कहा कि वन रक्षक जंगलों की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति के प्रहरी हैं, जो विषम परिस्थितियों में भी वन संपदा, वन्यजीवों एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए निरंतर सेवाएँ देते हैं। सम्मानित वन रक्षकों में श्री योगेश सावकारे, श्री रितेश यादव, श्री सुनील उमरे, श्री संतोष कलम, शेख जमील, श्री अंतलाल भारती,श्री कविता दुम्बवानी, हेमन्त भोसने, श्री अंकित तिवारी, श्री आशुतोष त्रिपाठी, श्री राजेश चौधरी एवं श्री महेश कोजे शामिल रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यदि वन सुरक्षित रहेंगे तो वर्षा चक्र संतुलित रहेगा, नदियों का अस्तित्व बना रहेगा, भूजल स्तर में सुधार होगा, मिट्टी का कटाव रुकेगा तथा स्वच्छ वायु और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित होगा। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में वन विभाग की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
ताप्ती सेवा समिति ने सभी नागरिकों से वृक्ष संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, वन्यजीवों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने वनों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भारत के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी, वन रक्षक, रेंजर्स तथा ताप्ती सेवा समिति के मंसुर सेवक , देवचरण शर्मा, राजेश भगत, अरूण जोशी, नंदकुमार वाणे, अताउल्लाह खान सहित पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। समारोह का समापन सभी सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार सचिव धर्मेंद्र सोनी ने व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ समापन हुआ।





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