एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, सातपायरी खकनार, तहसील नेपानगर, जिला बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) विद्यालय में 1 से 15 सितंबर तक हिंदी पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है।
नेपानगर । एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, सातपायरी खकनार में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्धन एवं विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से हिंदी पखवाड़े का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।
इसी क्रम में विद्यालय में 1 से 15 सितंबर तक हिंदी पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख उपस्थिति विद्यालय के प्राचार्य श्री रत्नेश कुमार जायसवाल एवं हिंदी विभागाध्यक्ष श्रीमती चंद्रपति द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर हिंदी भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को हिंदी के अध्ययन, प्रयोग एवं संवर्धन के लिए प्रेरित किया गया।एंव उन्हें समजा ईश दी जाएगी।
हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत विद्यार्थियों के सर्वांगीण भाषा में विकास के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रतियोगिताएं कविता वाचन, पत्र लेखन, हिंदी भाषा आधारित नृत्य, हिंदी प्रश्नोत्तरी, पुस्तक समीक्षा, वर्तनी लेखन सहित अनेक रोचक गतिविधियां शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी भाषा संबंधी समझ, शब्द-भंडार, अभिव्यक्ति-कौशल, रचनात्मकता एवं साहित्यिक रुचि का विकास करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा ‘हिंदी भाषा वृक्ष’ विषय पर आकर्षक नाटिका के माध्यम से जिसमें हिंदी भाषा के विकास तथा हिंदी की विभिन्न बोलियों और भाषाई विविधताओं को रोचक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री रत्नेश कुमार जायसवाल द्वारा विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में हिंदी के शुद्ध एवं प्रभावी प्रयोग को अपना ने और भाषा-साहित्य से जुड़ी विशेष जानकारियां एकत्रित करने का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत की संवाहक भाषा है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे हिंदी पखवाड़े के इन 15 दिनों में हिंदी भाषा, साहित्य, लेखकों, कवियों एवं हिंदी की विभिन्न बोलियों से संबंधित अधिक से अधिक विशेष जानकारियां एकत्रित करें तथा दैनिक जीवन में हिंदी के शुद्ध एवं प्रभावी प्रयोग को अपनाएं
बोलचाल और लेखन में व्याकरणिक शुद्धता बनाए रखना, तथा कार्यालयीन या दैनिक कार्यों में सरल व प्रभावी हिंदी का उपयोग करना।
रचनात्मक गतिविधियाँ विद्यालयों और महाविद्यालयों में निबंध लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता, कविता पाठ और सुलेख शिविरों का आयोजन कर विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करना।


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