सालों से सूनी है 'डॉक्टर साहब' की कुर्सी, कागजों पर बहाल हैदरपुर स्वास्थ्य केंद्र, इलाज के लिए मीलों भटक रहे ग्रामीण
नेपानगर। विकासखंड के सुदूर ग्रामीण अंचल हैदरपुर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों सिस्टम की लापरवाही की जीवंत मिसाल बन गया है।
मध्य प्रदेश बुरहानपुर जिले मे नेपानगर विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्र हैदरपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य विभाग की लाचारी की भेंट चढ़ गया है। जिला चिकित्सालय से डॉक्टर की नियुक्ति के आदेश जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। आलम यह है कि पिछले तीन-चार साल से इस केंद्र पर किसी डॉक्टर ने सेवाएं नहीं दी हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
आदेश कागजों तक सीमित, डॉक्टर ने आज तक नहीं देखा अस्पताल का मुंह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. हिमांशु चौधरी की पोस्टिंग का आदेश 7 अगस्त को हैदरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए जारी किया गया था, लेकिन वे आज तक अस्पताल पहुंचे ही नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉ. चौधरी की पोस्टिंग पहले भी इसी केंद्र पर हुई थी, तब भी उन्होंने कभी ड्यूटी नहीं की। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिवल या नेपानगर जाने के लिए मजबूर ग्रामीण
हैदरपुर की सरपंच सरोज गवले और जनपद सदस्य श्रीमती शारदा चौहान ने संयुक्त रूप से बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के न बैठने से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है।
मामूली बीमारियों या आपातकालीन स्थिति में भी ग्रामीणों को इलाज के लिए सीवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या नेपानगर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
ग्रामीणों (दीपक सरोदे और उद्धव सोनोने) का कहना है कि उन्होंने आज तक अपनी इस स्वास्थ्य केंद्र में किसी डॉक्टर को आंखों से नहीं देखा है, जिससे यह केंद्र केवल नाममात्र का रह गया है।
जिम्मेदार अधिकारियों के तर्क और बयान
स्वास्थ्य कर्मी की लाचारी केंद्र में ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारी डी.के. गुप्ता का कहना है कि नियुक्ति के बाद डॉक्टर साहब यहां बैठेंगे या नहीं, यह वरिष्ठ अधिकारी ही तय कर सकते हैं इस संबंध में वे कुछ नहीं बता सकते।
BMO का स्पष्टीकरण खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. पुष्पेंद्र जमाले ने बताया कि डॉ. हिमांशु चौधरी का नेपानगर से अटैचमेंट 7 अगस्त को खत्म कर हैदरपुर भेजा गया था। वे 17 अगस्त से 1 सितंबर तक ईएल (EL) अवकाश पर थे। अवकाश अवधि के बाद भी अनुपस्थित रहने पर उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
CMHO की प्रतिक्रिया इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया जानने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेंद्र वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि हैदरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द से जल्द नियमित डॉक्टर की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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