नेपानगर ।मध्य प्रदेश के नेपानगर के युवा नेअपनी अटूट मेहनत, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रसेवा के जज्बे के बल पर नेपानगर के युवा तुषार यादव ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर का पद हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में गर्व का माहौल है।
संस्कारों और अनुशासन से गढ़ी सफलता
तुषार की इस कामयाबी के पीछे उनके परिवार का सुदृढ़ और अनुशासित परिवेश रहा है। उनके पिता मनोज कुमार यादव 'नेपा लिमिटेड' में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता ममता यादव एक कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षिका हैं। माता-पिता से मिले उच्च संस्कारों और राष्ट्रभक्ति के पाठ ने उन्हें बचपन से ही देशसेवा के लिए प्रेरित किया।
ऐसा रहा शैक्षणिक सफर
तुषार की शुरुआती शिक्षा कक्षा 7वीं तक 'सेंट एंथोनी जियानेलिस कॉन्वेंट स्कूल' से हुई। इसके बाद, उन्होंने कक्षा 8वीं से आगे की स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने इंदौर का रुख किया, जहाँ 'देवी अहिल्या विश्वविद्यालय' से इंटीग्रेटेड एम.टेक की डिग्री हासिल की।
कॉर्पोरेट ऑफर ठुकराकर चुनी मातृभूमि की सेवा
तुषार का सैन्य जीवन से पुराना नाता रहा है। 12वीं की परीक्षा के तुरंत बाद उनका चयन भारतीय नौसेना में हो गया था, जहाँ उन्होंने 'इंडियन नेवल एकेडमी' में डेढ़ वर्ष तक बेहद कठिन सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अलावा, इंटीग्रेटेड एम.टेक की पढ़ाई के दौरान उन्हें एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी से आकर्षक पैकेज वाला बड़ा जॉब ऑफर मिला था। हालांकि, देशसेवा के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें कॉर्पोरेट चमक-धमक से दूर रखा और उन्होंने उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके बाद उन्होंने पूरा फोकस वायुसेना की परीक्षा पर केंद्रित किया और आखिरकार फ्लाइंग ऑफिसर बनकर अपना सपना पूरा किया।
तुषार यादव की यह ऐतिहासिक उपलब्धि नेपानगर के युवाओं को सिखाती है कि यदि इरादे फौलादी हों तो किसी भी सपने को पाया जा सकता है।


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