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ढाई साल बाद भी तीन उपस्वास्थ्य केंद्र अधूरे एजेंसी का ठेका निरस्त, ब्लैकलिस्ट के बाद अब नए टेंडर से पूरा होगा काम


नेपानगर। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब ढाई साल पहले स्वीकृत पांच उपस्वास्थ्य केंद्रों में से तीन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। भातखेड़ा, कारखेड़ा और सातोड़ में भवन अधूरे पड़े हैं, जबकि सीवल और साईखेड़ा के भवन बनकर विभाग को हैंडओवर हो चुके हैं। निर्माण में लापरवाही पर संबंधित एजेंसी का ठेका निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट किया गया है। अब शेष कार्य के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने भातखेड़ा, सीवल, कारखेड़ा, सातोड़ और साईखेड़ा में करीब 30-30 लाख रुपये की लागत से उपस्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए थे। निर्माण की जिम्मेदारी मप्र गृह निर्माण विभाग को दी गई थी। खंडवा की दादाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम सौंपा गया था। बार-बार नोटिस के बावजूद काम में तेजी नहीं आने पर अगस्त में एजेंसी का टेंडर निरस्त कर दिया गया।

अधूरे भवनों में बिजली फिटिंग, दरवाजे-खिड़कियां, रंग-रोगन और बाउंड्रीवाल सहित कई काम बाकी हैं। भातखेड़ा में अधूरा भवन खुले मैदान में होने से असामाजिक तत्वों और आवारा पशुओं की आवाजाही बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर निगरानी होती तो भवनों का निर्माण समय पर पूरा हो सकता था। भवन शुरू होने से ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

जल्द शुरू होगा शेष काम

मप्र गृह निर्माण विभाग की सहायक यंत्री रोशनी वास्कले ने बताया कि सीवल और साईखेड़ा के भवन पूर्ण होकर हैंडओवर हो चुके हैं। भातखेड़ा, कारखेड़ा और सातोड़ में कार्य शेष है। संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर टेंडर निरस्त किया जा चुका है। नए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। टेंडर होने के बाद शेष निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।

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