नौकरी के नाम पर ₹1.40 करोड़ की ठगी: 9 महीने से फरार आरोपी धीरज चौधरी ने नेपानगर कोर्ट में किया सरेंडर, 3 दिन की पुलिस रिमांड पर
नौकरी के नाम पर 1 करोड़ 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी धीरज चौधरी ने मंगलवार को नेपानगर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है,
।। प्रदेश पत्रिका संवाददाता दीपक सोनवणे ।।
नेपानगर। भारतीय डाक विभाग (पोस्ट ऑफिस) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर नेपानगर और आसपास के करीब 19 युवाओं से 1 करोड़ 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपियों में से एक धीरज चौधरी ने मंगलवार को नेपानगर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी पिछले नौ महीने से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार, नेपानगर के गेट नंबर 7 निवासी आरोपी धीरज (पिता अशोक चौधरी) मंगलवार दोपहर करीब 1:00 बजे अपने कानूनी सलाहकार (वकील) के साथ अचानक न्यायालय परिसर पहुंचा और आत्मसमर्पण की अर्जी लगाई। धीरज के सरेंडर करने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई।
इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया गया था। नेपानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के 19 युवाओं ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें पोस्ट ऑफिस में नौकरी लगवाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठी गई। पुलिस इस मामले में पहले ही दो अन्य आरोपियों, रईस खान और अनिल भाटी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। धीरज की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। नेपा थाने के सब-इंस्पेक्टर चेतराम निकुंभ न्यायालय से रिमांड मिलने के बाद आरोपी धीरज से गहन पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस का मुख्य फोकस धोखाधड़ी की गई राशि की बरामदगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सुरागों को खंगालना है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में शामिल चौथे और अंतिम आरोपी रामकृष्ण की गिरफ्तारी अभी शेष है, जिसकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।


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