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38 साल की बेदाग नौकरी, फिर भी खाली हाथ नेपानगर उपभोक्ता भंडार के सेवानिवृत्त कर्मचारी का परिवार भुखमरी की कगार पर

मधुकर लक्ष्मण गायकवाड पीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन के लिए चार साल से भटक रहे बुजुर्ग, पत्नी की दवाइयों का खर्च जुटाना भी हुआ मुश्किल  सहकारिता विभाग और संस्था प्रबंधन की उदासीनता से बढ़ी मुश्किलें, न्याय न मिलने पर परिवार ने जताई अनहोनी की आशंका ।। प्रदेश पत्रिका संवाददाता दीपक सोनवणे ‌‌।। ​नेपानगर।  प्राथमिक उपभोक्ता भंडार मर्यादित से सेवानिवृत्त हुए मधुकर लक्ष्मण गायकवाड का द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार  संस्था में 38 वर्षों तक पूरी निष्ठा और बेदाग सेवाएं देने के बाद भी  कर्मचारी आज अपने ही हक की राशि (पीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन) के लिए तरस रहा है। सेवानिवृत्ति के करीब चार साल बीत जाने के बाद भी एक भी रुपया न मिलने से पूरा परिवार भुखमरी की कगार पर पहुँच चुका है। ​ कभी नहीं मिला एक भी नोटिस, सेवा रिकॉर्ड रहा स्वच्छ ​पीड़ित मधुकर लक्ष्मण गायकवाड ने दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 31 मई 2022 को संस्था से सेवानिवृत्ति ली थी। अपने 38 साल के लंबे सेवाकाल में उन्होंने पूरी ईमानदारी और स्वच्छ मन से संस्था के हित में काम किया। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे कार्यका...