सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बीमारी के बहाने हुई प्यार की शुरुआत, दामाद के साथ पांच दिन उसके ही घर पर अकेले रही थी सास

 महिला के पति जितेंद्र ने बताया कि एक मार्च को पत्नी ने कहा कि वह अपने होने वाले दामाद राहुल के घर जा रही हैं क्योंकि वह बीमार है.जितेंद्र को लगा कि पत्नी सिर्फ हालचाल लेने जा रही हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली.वह पांच दिन तक राहुल के घर पर अकेले ही रही. 

   
सास अनीता संग दामाद राहुल

अलीगढ़ के अपने होने वाले दामाद के साथ भागने वाली सास की लव स्टोरी इन दिनों चर्चा में है. पुलिस अभी यह पता नहीं लगा पाई कि दोनों भागकर कहा गए, हालांकि उनकी लास्ट लोकेशन उत्तराखंड के रूद्रपुर के पास मिली थी. इस बीच भागने वाली महिला के पति जितेंद्र ने कई अन्य बातें बताई जिसे सुनकर पुलिस भी चौंक गई है. 

बीमारी के बहाने प्यार की शुरुआत ! 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला के पति जितेंद्र ने बताया कि एक मार्च को पत्नी ने कहा कि वह अपने होने वाले दामाद राहुल के घर जा रही हैं क्योंकि वह बीमार है.जितेंद्र को लगा कि पत्नी सिर्फ हालचाल लेने जा रही हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली.वह पांच दिन तक राहुल के घर पर अकेले ही रही।

लौटी, फिर दूसरे ही दिन हुई फरारी

पांच दिन बाद महिला गांव तो लौटी लेकिन राहुल के साथ.राहुल ने गांव के ही प्राइमरी स्कूल के पास महिला को उतारा और फिर चला गया.किसी को भी उस वक्त शक नहीं हुआ, लेकिन अगले ही दिन दोनों ने भागकर सबको हैरान कर दिया।

पुलिस के लिए बनी चुनौती

महिला के पति द्वारा थाने में दर्ज कराई गई गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस हरकत में आई.डिप्टी एसपी महेश कुमार ने बताया कि राहुल, जो कि उत्तराखंड के रुद्रपुर में काम करता था, वहीं दोनों की आखिरी लोकेशन मिली है.पुलिस को शक है कि दोनों बस से उत्तराखंड गए हैं.उनके मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स और आईएमईआई ट्रैकिंग से जल्द उनकी सही लोकेशन मिल सकती है।

राहुल ने हड़काया भी 

इस बीच महिला के पति जितेंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि जब उसने होने वाले दामाद को फोन किया तो पहले उसने इधर-उधर की बातें की. बोला, तुम्हारी पत्नी मेरे साथ नहीं है. कई बार फोन करने पर हड़काने लगा. जितेंद्र ने बताया कि बाद में उसने स्वीकारा हां, वो मेरे साथ है. तुम उसके साथ 20 साल रह लिए, अब उसे भूल जाओ.

इससे पहले मीडिया से बात करते हुए जितेंद्र कुमार ने कहा कि मेरी पत्नी मुझे साली के पास शादी का कार्ड देने के लिए भेजी थी. बेटी की शादी 16 अप्रैल को तय थी. ऐसे में कार्ड वहां पहुंचाना जरूरी था. जब मैं साली के यहां कार्ड देकर घर आया तो पत्नी नहीं मिली. कुछ समय के लिए लगा कि वह किसी रिश्तेदार के यहां गई है. लेकिन जब रिश्तेदारों के यहां पता लगाने पर भी उसके बारे में कुछ नहीं जानकारी हाथ लगी तो शक गहरा गया।

जितेंद्र बातते हैं कि इसके बाद मैंने फोन की कॉल डिटेल्स खंगाली. जिसके बाद पता चला कि वह होने वाले दामाद से घंटों बात करती थी.. वहीं महिला की बेटी ने कहा कि मां हमारे से घर से सब कुछ लेकर चली गई है. हम चाहते हैं कि हमारा सामान हमें वापस मिल जाए. बाकी वो मरे या जिएं, हमें कोई मतलब नहीं है।

ये भी देखें 




                 आप देख रहे हैं 👇


 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नौकरी के नाम पर ₹1.40 करोड़ की ठगी: 9 महीने से फरार आरोपी धीरज चौधरी ने नेपानगर कोर्ट में किया सरेंडर, 3 दिन की पुलिस रिमांड पर

 नौकरी के नाम पर 1 करोड़ 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी धीरज चौधरी ने मंगलवार को नेपानगर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है,  ।। प्रदेश पत्रिका संवाददाता दीपक सोनवणे ।। नेपानगर। भारतीय डाक विभाग (पोस्ट ऑफिस) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर नेपानगर और आसपास के करीब 19 युवाओं से 1 करोड़ 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपियों में से एक धीरज चौधरी ने मंगलवार को नेपानगर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी पिछले नौ महीने से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार, नेपानगर के गेट नंबर 7 निवासी आरोपी धीरज (पिता अशोक चौधरी) मंगलवार दोपहर करीब 1:00 बजे अपने कानूनी सलाहकार (वकील) के साथ अचानक न्यायालय परिसर पहुंचा और आत्मसमर्पण की अर्जी लगाई। धीरज के सरेंडर करने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया गया था। नेपानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के 19 युवाओं ने शि...

नेपा लिमिटेड में ज्ञानेश्वर खैरनार को संपदा अधिकारी नियुक्त किया गया.!

                प्रदेश पत्रिका:- केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) ज्ञानेश्वर खैरनार को लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम-1971 के अंतर्गत टाउनशिप प्रशासक नियुक्त किया गया हैं। वे उक्त अधिनियम की धारा 3 के तहत संपदा अधिकारी के दायित्व का निर्वहन करेंगें। ज्ञात हो कि, नेपा लिमिटेड में पिछले लगभग एक वर्ष से यह पद रिक्त था। इस नियुक्ति के साथ, ज्ञानेश्वर खैरनार लोक परिसर अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे और इसके अधीन अधिरोपित कर्तव्यों का पालन करेंगे। इस नियुक्ति पर सीएमडी राकेश कुमार चोखानी सहित पूरे नेपा लिमिटेड परिवार ने ज्ञानेश्वर खैरनार को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।      आप देख रहे हैं 👇

जिला बुरहानपुर के तहसील नेपानगर में बीड कॉलोनी भीलट बाबा मंदिर के पास गन्ने के रस वाली गाड़ी से बाइक सवार की जोरदार टक्कर

  नेपानगर में गन्ने के रस की गाड़ी और बाइक की टक्कर में घायल हुई दोनों बच्चियों (शिवानी और इंदु) को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बुरहानपुर [Burhanpur] रेफर कर दिया गया है। मध्यम प्रदेश जिला बुरहानपुर के तहसील में रविवार  दिनांक 07/06/2026 समय करीब 6:58 pm नेपानगर के बीड कॉलोनी भीलट बाबा मंदिर के पास गन्ने के रस वाली गाड़ी से बाइक सवार की जोरदार टक्कर होने के कारण घाघरा निवासी दिनेश कि दो बच्चिया है जिसमे बडी बेटी का नाम शिवानी 6 वर्ष दूसरी का नाम इंदु 4 साल जिसे सर पर बहुत गंभीर चोट लगी है बताया जा रहा है की  बाइक का नियंत्रित सड़क पर गड्ढे होने के कारण बाइक गन्नेे के गाड़ी से जा टकरा गए । घटना का मुख्य विवरण इस प्रकार है: ​ घटनास्थल: बीड कॉलोनी, भीलट बाबा मंदिर के पास, तहसील नेपानगर, जिला बुरहानपुर (मध्य प्रदेश)। ​ दुर्घटना का कारण: बाइक सवार और गन्ने के रस वाली गाड़ी के बाइक की जोरदार टक्कर। ​ पीड़ित: घाघरा निवासी दिनेश की दो बच्चियां (बड़ी बेटी शिवानी और छोटी बेटी इंदु)। इंदु के सिर पर गंभीर चोट आई है। गन्ने   गाड़ी चालक: सुरेश अशोक सावले (निवासी: ग्...