pub-4032623511138817 बुरहानपुर जिले में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी समुदायों के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा शुरू किया गया जिसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रो में सामाजिक और आर्थिक जीवन को बेहतर बनाना है। सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बुरहानपुर जिले में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी समुदायों के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा शुरू किया गया जिसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रो में सामाजिक और आर्थिक जीवन को बेहतर बनाना है।



 धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी समुदायों के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा शुरू किया गया एक प्रमुख कार्यकम है, इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रो में सामाजिक और आर्थिक जीवन को बेहतर बनाना है।

‘‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’’ में स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी ढांचें इत्यादि क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। इस अभियान का नाम भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में रखा गया है।

धरती आबा अभियान अंतर्गत बुरहानपुर जिले में किये गये कार्यों को सराहा गया है। इस अभियान के तहत बुरहानपुर जिले ने राष्ट्रीय पहचान हासिल की है, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों में बुरहानपुर जिले का नाम भी शामिल है। जनजातीय कार्य विभाग भारत सरकार द्वारा आयोजित किये जा रहे ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान राष्ट्रीय सम्मेलन’’ में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की गरीमामय उपस्थिति में बुरहानपुर जिले का धरती आबा अभियान का प्रजेन्टेशन जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा ने प्रस्तुत किया।

कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में जिले में अभियान को व्यापक और सफल बनाने के प्रयास किये गये है। जनपद पंचायत स्तरों पर जमीनी स्तर तक पहुंचकर कार्य किया गया है। ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्हें सुविधाएं एवं योजनाओं से लाभांवित करने के लिये हरसंभव प्रयास किये गये है। जिले के चयनित 116 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में विभागीय योजनाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने के परिणामस्वरूप ही बुरहानपुर जिला देश में श्रेष्ठ उपलब्धि हासिल कर पाया है।

विदित है कि, अभियान को सफल बनाने के लिए बुरहानपुर जिले के 116 चयनित जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में अब तक 18 मेगा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत सैचुरेशन के साथ प्रदान किया गया है। 

शिविरों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों के 41,617 आधार कार्ड, 32,632 आयुष्मान कार्ड, 41,459 समग्र आईडी, 11,837 जाति प्रमाण पत्र बनाये जा चुके है। वहीं 42,248 जनधन खाते, 3,382 एमपीटास प्रोफाईल पंजीयन, 881 सामाजिक सुरक्षा पेंशन, 536 किसान क्रेडिट कार्ड, 30,343 पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, 492 पीएम किसान सम्मान निधी, 374 पीएम मातृवंदना योजना, 673 पीएम विश्वकर्मा योजना, 597 राशन कार्ड, 4,466 सिकल सेल एनिमिया जांच, 38 सुकन्या समृद्धि योजना, 1,991 निवासी प्रमाण पत्र, 730 मनरेगा, 54 पीएम सुरक्षा बीमा योजना, 44 पीएम उज्जवला योजना इत्यादि सुविधाएं प्रदान की गई है।

उल्लेखनीय है कि, वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार बुरहानपुर जिले में जनजातीय वर्ग की जनसंख्या 1,82,102 है। जिले में कोरकू, बारेला, भील, भिलाला, गौण्ड आदि जनजातियां निवासरत् है। जनजातीय वर्ग के समुचित विकास एवं उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिये ही ‘‘घरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’’ अंतर्गत विशेष प्रयास कर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

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