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नेपानगर वार्ड क्रमांक 10 में गंदगी से परेशान जनता, शौचालय को लेकर उठे सवाल



नेपानगर के वार्ड क्रमांक 10 में स्वच्छता तार-तार, बदहाल शौचालय से जनता त्रस्त

नेपानगर के वार्ड क्रमांक 10 में स्थित सार्वजनिक शौचालय की हालत दिनों-दिन बदहाल होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शौचालय में इतनी अधिक गंदगी फैली हुई है कि वहाँ से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। बदबू और अस्वच्छता के कारण आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर वासियों का कहना है वार्ड में सभी के घरों में शौचालय बने हुए हैं यह हमारे घरों के समीप होने की वजह से हमें इससे समस्या हो रही है क्योंकि इससे जो मल निकलता है जिससे  बहुत बदबू होती है और मच्छरों का एवं जानवरों का खतरा बना रहता है 

समस्या: वार्ड क्रमांक 10 में स्थित सार्वजनिक शौचालय में वर्षों एवं  महीनों से सफाई नहीं होने के कारण भारी गंदगी फैली हुई है।

​असर: शौचालय से उठने वाली तीव्र बदबू के कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है और वहां से गुजरना भी मुश्किल है। जिसकी वजह से छोटे बच्चे एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है
​खतरा: अस्वच्छता के चलते इलाके में संक्रामक बीमारियां (जैसे मलेरिया, डेंगू, डायरिया) फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

​मांग: स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन और वार्ड पार्षद से मांग की है कि तत्काल इस सार्वजनिक शौचालय का स्थानांतरण कर दिया जाये या तो इस शौचालय को तोड दिया जाये ।

स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले लगभग 15 वर्षों से इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इससे पहले आए दो पार्षदों ने जनता से वादा किया था कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर इस शौचालय को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा, लेकिन आज तक वह वादा अधूरा ही दिखाई दे रहा है।

जनता का आरोप है कि वार्ड की स्वच्छता और लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करने के बजाय जिम्मेदार प्रतिनिधि इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वार्ड में कई खुले स्थान उपलब्ध हैं, जहाँ इस शौचालय को आसानी से स्थानांतरित किया जा सकता है, जिससे आसपास के नागरिकों को राहत मिल सके।
अब वार्डवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए और स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए। वार्ड वासियों का कहना है कि शौचालय के नगर निगम से जो पैसा सैंक्शन हुआ है उसे पैसे को वाट के दूसरे अन्य काम में उसे किया जाए शौचालय के पीछे पैसा बर्बाद ना करें जिससे वार्ड के अन्य कार्य भी हो जाएंगे 

नगर निगम या शासन से जो पैसा जिस विशेष कार्य (जैसे शौचालय निर्माण) के लिए स्वीकृत (Sanction) होता है, उसे सीधे तौर पर किसी दूसरे कार्य (जैसे सड़क या नाली) में डाइवर्ट करना वित्तीय नियमों के तहत थोड़ा जटिल होता है।

जनता की यह मांग कि "शौचालय का पैसा वार्ड के अन्य विकास कार्यों में लगाया जाए," जनहित में बहुत अच्छी है,


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