नेपानगर में लापरवाही की हद प्राथमिक उपभोक्ता भंडार मे 3 लाख का ट्रक, 35 लाख ब्याज; भंगार वाहन पर अब भी किस्त का बोझ
।। प्रदेश पत्रिका से दीपक सोनवणे ।।
नेपानगर। प्राथमिक उपभोक्ता भंडार की कार्यप्रणाली को लेकर एक और मामला सामने आया है। एचपी गैस सिलेंडरों के परिवहन के लिए वर्षों पहले करीब 3 लाख रुपए में बैंक फाइनेंस कराया गया MP 09 KC 1007 नंबर का आज बदहाल स्थिति में संस्था कार्यालय के सामने कबाड़ में तब्दील होकर खड़ा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि वाहन पर मूल राशि से कई गुना अधिक ब्याज चढ़ चुका है।
कार्यालय के सामने खड़ा कबाड़ दे रहा व्यवस्था को आईना
संस्था से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस वाहन की खरीदी के वक्त की करीब 3 लाख रुपए की मूल राशि आज भी कागजों में बकाया है। लेकिन लंबे समय तक वाहन के संचालन ठप रहने और लोन की किस्तें समय पर न चुकाए जाने के कारण बैंक का ब्याज और अन्य पेनल्टी जुड़ती चली गई। नतीजा यह हुआ कि मामूली सा दिखने वाला यह पुराना कर्ज अब विकराल रूप लेकर 35 लाख रुपए के भारी-भरकम आंकड़े को छू रहा है।
अब सवाल उठ रहा है कि कई कार्यकाल गुजरने के बाद भी संस्था ने इस वाहन और कर्ज के मामले का निपटारा क्यों नहीं किया? मामले में संस्था अध्यक्ष घीसूलाल जैन का पक्ष भी सामने आया है।



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