जनविश्वास शिविर में कलेक्टर ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, शिक्षा और स्वरोजगार पर दिया जोर संबल योजना के 6 हितग्राहियों को सौंपे स्वीकृति पत्र, सिंचाई सुविधा बढ़ाने की मांग भी उठी
बुरहानपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेशभर में प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित किए जा रहे मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को बुरहानपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत जलान्द्रा में शिविर लगाया गया। इसमें कलेक्टर विवेक कुमार ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर गांव की समस्याएं, विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। शिविर में संबल योजना के छह हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र सौंपे गए।
कलेक्टर ने ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा, युवाओं के रोजगार और परिवारों की आमदनी बढ़ाने के विषय में चर्चा की। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा बेहतर भविष्य का आधार है। विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध तरीके से मेहनत करना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों को खेती के साथ पशुपालन और अन्य आजीविका गतिविधियां अपनाने की सलाह दी। आधुनिक एवं वैज्ञानिक तरीकों से कृषि और पशुपालन करने से उत्पादन तथा आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
राशन वितरण की भी ली जानकारी
कलेक्टर ने ग्रामीणों से उचित मूल्य की दुकान पर राशन मिलने की स्थिति पूछी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से राशन मिल रहा है। शिविर में स्वास्थ्य, श्रम, शिक्षा, उद्यानिकी, सामाजिक न्याय, पुलिस और राजस्व विभाग ने योजनाओं की जानकारी दी। पेंशन योजनाओं और विभिन्न आर्थिक सहायता कार्यक्रमों के बारे में भी ग्रामीणों को बताया गया।
सिंचाई सुविधा बढ़ाने की मांग उठाई
गांव में हुए विकास कार्यों पर चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पहले सड़क की सुविधा नहीं थी, लेकिन अब सड़क निर्माण से आवागमन आसान हुआ है। शिक्षा और बिजली के क्षेत्र में भी सुविधाएं बढ़ी हैं। हालांकि, ग्रामीणों ने खेती के लिए सिंचाई सुविधा का विस्तार करने की मांग रखी। उनका कहना था कि क्षेत्र में पानी उपलब्ध होने के बावजूद बेहतर सिंचाई व्यवस्था की जरूरत है, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ सके।
स्वरोजगार से संदीप रावल ने बताई सफलता की कहानी
शिविर में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के हितग्राही संदीप रावल ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में योजना के तहत ऋण लेकर मसाला यूनिट शुरू की थी। पहले छोटी दुकान चलाते थे और शुरुआत में घर-घर जाकर मसालों की बिक्री की। मेहनत और व्यवसाय के विस्तार से अब उनके मसालों की आपूर्ति मध्यप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी हो रही है। वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।
आंगनवाड़ी और स्कूल की स्थिति पर उठाया सवाल
ग्रामीणों से चर्चा के दौरान युवक दीपक ने इटारिया स्थित आंगनवाड़ी भवन और प्राथमिक विद्यालय की स्थिति का मुद्दा उठाया। इस पर कलेक्टर ने डीपीसी को शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित भवनों का मौके पर निरीक्षण कर स्थिति की जांच करने को कहा।
विभागीय स्टॉलों का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी ली। पशुपालन विभाग से पशु नस्लों और पशुपालन की संभावनाओं पर चर्चा की। कृषि विभाग से फसल उत्पादन, कृषि रकबे और खाद के उपयोग की जानकारी ली। वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल परीक्षण किट के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया बताई।
एसडीएम ने स्वामित्व अभियान के तहत अभिलेखों के पंजीयन और आर्थिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक ने जल संरक्षण और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया। इस दौरान किसानों ने खेतों में फसल अवशेष नहीं जलाने का संकल्प भी लिया। धरती आबा अभियान के तहत ग्रामीणों ने क्षेत्र की जरूरतों और विकास संबंधी सुझाव रखे।
शिविर में वनमंडलाधिकारी विद्याभूषण सिंह, जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।




टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें